Indian Railways continues with its efforts to ensure availability of essential commodities throughout the country

On the 3rd day of the nation-wide complete lock down due to the Covid-19 pandemic, Indian Railways continued making all efforts to ensure availability of essential commodities through its freight services. During the situation of lockdown in all the States, Indian Railways staff deployed at various good sheds, stations and control offices continued working on 24/7 basis to ensure that the supply of essential items for the nation does not get affected.

Yesterday on 27th March 2020, 34648 wagons carried supplies to keep the supply chains functional. Of these, 23682 wagons of essential commodities were ferried by Indian Railways in 425 rakes to ensure that the supply chains keep functioning. The total number of wagons carrying essential commodities during the past five days thus reached approximately 1.25 lacs.

Out of the total 23682 wagons which were loaded for essential commodities, there were 1576 wagons of foodgrains, 42 wagons of fruits and vegetables, 42 wagons of sugar, 42 wagons of salt, 20488 wagons of coal, and 1492 wagons of petroleum products.

It may be noted that MHA has lifted  restrictions on movement of goods   to facilitate easy loading and unloading at the various locations across the nation.This has removed ground level discretions in permissions regarding loading and unloading of goods of various kinds at Terminals spread across India.Special efforts are being made by Indian Railways to ferry these goods to maintain the supply chain in the lock down period.

SG/MKV

Bengali

কোভিড ১৯ এর সংক্রমণজনিত মহামারির প্রেক্ষিতে গোটা দেশ জুড়ে সম্পূর্ণ লকডাউনের তৃতীয় দিনে ভারতীয় রেল,পণ্যবাহী পরিষেবার মাধ্যমে অত্যাবশ্যক পণ্য যোগান নিশ্চিত করতে সব রকম প্রচেষ্টা চালাচ্ছে

নয়াদিল্লি, ২৮ মার্চ, ২০২০

দেশ জুড়ে পণ্য সরবরাহ অব্যাহত রাখতে,গতকাল,২৭ শে মার্চ ২০২০, ৩৪,৬৪৮ টি পণ্যবাহী ওয়াগনকে কাজে লাগানো হয়েছে । এর মধ্যে ভারতীয় রেলের ২৩,৬৮২ টি ওয়াগন ব্যবহার হয়েছে অত্যাবশ্যক পণ্য পরিবহনের জন্য। আরও ৪২৫ টি পণ্যবাহী ওয়াগন কে কাজে লাগানো হচ্ছে সরবরাহ ব্যবস্থা অক্ষুণ্ণ রাখতে। গত পাঁচ দিনে ,পণ্য সরবরাহ অব্যাহত রাখতে ,ভারতীয় রেল মোট এক লক্ষ পঁচিশ হাজার পণ্যবাহী ওয়াগন কাজে লাগিয়েছে ।

পণ্য সরবরাহের জন্য ব্যবহৃত ২৩৬৮২ টি ওয়াগনের মধ্যে ,খাদ্য শস্যের জন্য ১৫৭৬ টি, ফল এবং সব্জির জন্য ৪২ টি, চিনির জন্য ৪২ টি,লবণের জন্য ৪২ টি ওয়াগন ব্যবহার হয়েছে ।

এ ছাড়াও কয়লা সরবরাহে ২০৪৮৮ টি এবং পেট্রোলিয়াম পণ্য পরিবহনে ১৪৯২ টি ওয়াগন কে কাজে লাগানো হয়েছে

উল্লেখ্য,কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্র মন্ত্রক ,দেশ জুড়ে পণ্য পরিষেবা অব্যাহত রাখতে,পণ্য সরবরাহ এবং মাল ওঠানো নামানোর ক্ষেত্রে বিধি নিষেধ প্রত্যাহার করে নিয়েছে। এর দরুন গোটা দেশ জুড়ে প্রাথমিক স্তরে পণ্য ওঠানো নামানোর অনুমতির ক্ষেত্রে বিধিনিষেধ থাকছে না। ভারতীয় রেলওয়ে ,এই লক ডাউন পরিস্থিতি তে পণ্য সরবরাহ অব্যাহত রাখতে বিশেষ প্রচেষ্টা চালাচ্ছে।
CG/PPM

Hindi

देश भर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा भारतीय रेल

कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी संपूर्ण लॉकडाउन के तीसरे दिन भारतीय रेल अपनी माल ढुलाई सेवाओं के जरिये आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार हरसंभव कोशिश कर रहा है। लॉकडाउन की अवधि के दौरान सभी राज्यों में भारतीय रेल के कर्मचारियों को विभिन्न माल शेडों, स्टेशनों और चौबीसों घंटे काम कर रहे नियंत्रण कार्यालयों में तैनात किए गए हैं ताकि देश के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न होने पाए।

कल यानी 27 मार्च 2020 को 34,648 माल डिब्‍बों के जरिये माल की ढुलाई की गई ताकि आपूर्ति सुचारु रहे। इनमें आवश्‍यक वस्‍तुओं के 23,682 डिब्‍बों को भारतीय रेल ने 425 रेक उपलब्‍ध कराए ताकि आपूर्ति श्रृंखला सुचारु रहे और उसमें कोई व्‍यवधान न आने पाए। पिछले पांच दिनों के दौरान आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई करने वाली डिब्‍बों की कुल संख्या लगभग 1.25 लाख तक पहुंच गई।

आवश्यक वस्तुओं से लदे कुल 23,682 डिब्‍बों में से 1,576 डिब्‍बों में खाद्यान्न, 42 डिब्‍बों में फल एवं सब्जियां, 42 डिब्‍बों में चीनी, 42 डिब्‍बों में नमक, 20,488 डिब्‍बों में कोयला और 1,492 डिब्‍बों में पेट्रोलियम उत्पाद लदे थे।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने देश भर में विभिन्न जगहों वस्‍तुओं की आवाजाही पर प्रतिबंध हटा दिया है ताकि माल के लदान और ढुलाई में आसानी हो सके। इससे देश भर के विभिन्‍न टर्मिनल पर तमाम वस्‍तुओं के लदान और उन्‍हें उतारने की बाधाएं जमीनी स्तर पर खत्‍म हो गई हैं। भारतीय रेल लॉकडाउन की अवधि में आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए इन वस्‍तुओं की ढुलाई के लिए विशेष प्रयास कर रहा है।

एएम/एसकेसी

Marathi

देशभरात जीवनावश्यक वस्तूंच्या उपलब्धतेसाठी भारतीय रेल्वे प्रयत्नशील

नवी दिल्‍ली, 28 मार्च 2020

कोविड-19 जागतिक साथीच्या रोगामुळे देशव्यापी लॉकडाऊनच्या आज तिसऱ्या दिवशी, भारतीय रेल्वे आपल्या मालवाहतूक सेवेच्या माध्यमातून देशभरात जीवनावश्यक वस्तूंच्या उपलब्धतेसाठी सर्वतोपरी प्रयत्न करत आहे. सर्व राज्यात लॉकडाऊनची परिस्थिती असताना, देशभरात जीवनावश्यक वस्तूंच्या पुरवठ्यावर कोणताही परिणाम होऊ नये याची खात्री देण्यासाठी रेल्वेची विविध माल गोदाम, स्थानके आणि नियंत्रण कार्यालयात भारतीय रेल्वेचे कर्मचारी चोवीस तास कार्यरत आहेत.

पुरवठा साखळी कार्यरत राहण्यासाठी, काल 27 मार्च 2020 रोजी 34648 वाघिणींनी (माल डब्बे) पुरवठा करण्यात आला. पुरवठा साखळी कार्यरत राहील हे सुनिश्चित करण्यासाठी भारतीय रेल्वेने यापैकी जीवनावश्यक वस्तूंच्या 23682 वाघिणी 425 रॅक्समधून आणल्या. गेल्या 5 दिवसांत जीवनावश्यक वस्तूंची वाहतूक करणाऱ्या एकूण वाघीणींची संख्या अंदाजे 1.25 लांखावर पोहोचली आहे.

जीवनावश्यक वस्तू वाहून नेणाऱ्या एकूण 23682 वाघीणींपैकी अन्नधान्य 1576, फळ आणि भाजीपाला 42, साखर 42, मिठ 42, कोळसा 20488 आणि पेट्रोलियम पदार्थ 1492 वाघिणी मधून नेण्यात आले. काल भारतीय रेल्वेने 15 वाघिणी मधून दुधाची वाहतूक देखील केली.

देशभरातील विविध ठिकाणी मालाची चढ-उतार सुलभपणे व्हावी यासाठी गृह मंत्रालयाने माल वाहतुकीवरील निर्बंध हटविले आहेत, ही बाब लक्षात घेण्याजोगी आहे. यामुळे देशभरातील टर्मिनलवर मालाच्या चढ-उतारा संदर्भातील स्थानिक पातळीवरील परवानग्यांमध्ये ताळमेळ आला आहे. लॉकडाऊन कालवधीत पुरवठा साखळी निरंतर कार्यरत राहावी यासाठी भारतीय रेल्वेकडून माल वाहतुकीसाठी विशेष प्रयत्न करण्यात येत आहेत.

B.Gokhale/S.Mhatre/D.Rane

Assamese

সমগ্ৰ দেশতে নিত্য ব্যৱহাৰ্য সামগ্ৰীৰ উপলব্ধতা সুনিশ্চিত কৰাৰ নিৰবিচ্ছিন্ন প্ৰয়াস ভাৰতীয় ৰে’লৰ

ক’ভিড-১৯ মহামাৰিৰ পৰিপ্ৰেক্ষিতত দেশত বলবত্ কৰা সম্পূৰ্ণ ‘লক ডাউন’ৰ তৃতীয় দিনটোতো নিত্য ব্যৱহাৰ্য সা-সামগ্ৰীৰ যাতে নাটনি নহয় সেই কথা নিশ্চিত কৰাৰ বাবে ভাৰতীয় ৰে’ল মন্ত্ৰালয়ে ইয়াৰ অধীনস্থ মালবাহী সেৱাসমূহৰ জৰিয়তে সকলো ধৰণৰ প্ৰয়াস অব্যাহত ৰাখিছে। প্ৰতিখন ৰাজ্যতে ‘লক ডাউন’ হোৱাৰ সময়ত দেশৰ কোনো প্ৰন্ততে যাতে খাদ্য-দ্ৰব্যকে ধৰি অন্যান্য সা-সামগ্ৰীসমূহৰ নাটনি হ’ব নোৱাৰে সেয়া নিশ্চিত কৰাৰ বাবে ৰে’ল বিভাগৰ সকলো কৰ্মচাৰীকে বিভিন্ন মাল-বস্তুৰ উঠোৱা-নমোৱা কৰা শ্বেদসমূহৰ লগতে বিভিন্ন ষ্টেশ্যন আৰু নিয়ন্ত্ৰণ কাৰ্যালয়সমূহত নিয়োজিত কৰি দিনটোৰ ২৪x৭ হিচাপত কাম-কাজ চলাই ৰখাৰ বাবে ব্যাপক তত্পৰতা অব্যাহত ৰাখা হৈছে।

কালি অৰ্থাত, ২৭ মাৰ্চ,২০২০ তাৰিখে অবিৰত যোগান শৃংখল বৰ্তাই ৰখাৰ বাবে দিনটোত ৩৪৬৪৮টা ডবা ভৰ্তি সা-সামগ্ৰী প্ৰেৰণৰ দিহা কৰিছিল। ইয়াৰ ভিতৰত ৪২৫টা ৰেকৰ জৰিয়তে সৰবৰাহ কৰা ২৩৬৮২টা ডবা ব্যৱহাৰ কৰিছিল অত্যাৱশ্যকীয় সামগ্ৰী সৰবৰাহৰ বাবে। প্ৰসংগতে উল্লেখ্য যে, বিগত পাঁচোটা দিনত ৰে’ল বিভাগে নিত্য ব্যৱহাৰ্য সামগ্ৰী ভৰ্তি প্ৰায় ১.২৫লাখটা ডবা বিভিন্ন স্থানলৈ  প্ৰেৰণ কৰিছে।

কালি ২৩৬৮২টা ডবাত প্ৰেৰণ কৰা সা-সামগ্ৰীসমূহৰ ভিতৰত ১৫৭৬টা ডবাত খাদ্য-দ্ৰব্য, ৪২টাত ফল-মূল আৰু শাক-পাচলি, ৪২টাত নিমখ, ২০৪৮৮টা ডবাত কয়লা আৰু ১৪৯২টা ডবাত প্ৰেট্ৰোলজাত সামগ্ৰী আছিল।

উল্লেখ্য যে সাম্প্ৰতিক পৰিস্থিতিত সা-সামগ্ৰীৰ সঞ্চালন সহজে সম্পন্ন হ’ব পৰাকৈ কেন্দ্ৰীয় গৃহ মন্ত্ৰালয়ে কেতবোৰ বিধি নিয়ম শিথিল কৰাৰো উদ্যোগ গ্ৰহণ কৰিছে।

SG/MKV/KB

Gujarati

સમગ્ર દેશમાં જરૂરી ચીજવસ્તુઓની ઉપલબ્ધતાની ખાતરી યથાવત જાળવી રાખતી ભારતીય રેલવે

કોવીડ-19 રોગચાળાના કારણે રાષ્ટ્રવ્યાપી સંપૂર્ણ લોકડાઉનના ૩જા દિવસે ભારતીય રેલવે પોતાની માલસામાન સેવાઓના માધ્યમથી જરૂરી ચીજવસ્તુઓની ઉપલબ્ધતાની ખાતરી કરવા માટેના પોતાના તમામ પ્રયત્નોને યથાવત ચાલુ રાખ્યા છે. તમામ રાજ્યોમાં લોકડાઉનની પરિસ્થિતિ દરમિયાન જુદા જુદા સામાન શેડ, સ્ટેશનો અને કંટ્રોલ ઓફિસોમાં ગોઠવવામાં આવેલ ભારતીય રેલવે કર્મચારીઓએ જરૂરી ચીજવસ્તુઓનો પૂરવઠો મળી રહે તેની ખાતરી કરવા માટે 24/7 ના આધાર પર કાર્ય કરવાનું યથાવત ચાલુ રાખ્યું છે કે જેથી રાષ્ટ્ર ઉપર તેની કોઈ અસર ન થાય.

ગઈકાલે 27 માર્ચ 2020ના રોજ પુરવઠા શ્રુંખલાને કાર્યાન્વિત રાખવા માટે ચીજવસ્તુઓના પુરવઠાના 34648 ડબ્બાઓ ચલાવવામાં આવ્યા. તેમાંથી જરૂરી ચીજવસ્તુઓના 23682 ડબ્બાઓ 425 રેક્સમાં ભારતીય રેલ્વે દ્વારા લઇ જવામાં આવ્યા જેથી એ બાબતની ખાતરી કરી શકાય કે પુરવઠા શ્રુંખલા યથાવત કાર્યાન્વિત રહી શકે. આ રીતે છેલ્લા પાંચ દિવસ દરમિયાન જરૂરી ચીજવસ્તુઓ લઇ જનારા ડબ્બાઓની કુલ સંખ્યા અંદાજે 1.25 લાખ સુધી પહોંચી ગઈ છે.

કુલ 23682 ડબ્બાઓ કે જેમાં જરૂરી ચીજવસ્તુઓ ભરવામાં આવી હતી તેમાંથી 1576 ડબ્બાઓ અનાજના, 42 ડબ્બાઓ ફળો અને શાકભાજીઓના, 42 ડબ્બા ખાંડના, 42 ડબ્બાઓ મીઠાંના, 20488 ડબ્બાઓ કોલસા અને 1492 ડબ્બાઓ પેટ્રોલીયમ પેદાશોના હતા. ભારતીય રેલ્વે દ્વારા દૂધના 15 ડબ્બાઓનું પણ ગઈકાલે વહન કરવામાં આવ્યું હતું.

અત્રે એ નોંધનીય છે કે ગૃહ મંત્રાલયે સમગ્ર દેશમાં અનેક સ્થળો પર સામાન લાવવા અને લઇ જવાની સુવિધાને સરળ બનાવવા માટે નિયંત્રણોને હળવા બનાવ્યા છે. તેણે સમગ્ર ભારતમાં ફેલાયેલા ટર્મિનલ ઉપર જુદા જુદા પ્રકારના સામાનને લાવવા અને લઇ જવા માટે પરવાનગીમાં પાયાના સ્તરની વિવેકબુદ્ધિને પણ નાબૂદ કરી છે. ભારતીય રેલ્વે દ્વારા લોક ડાઉનના સમયગાળા દરમિયાન જરૂરી ચીજવસ્તુઓના પુરવઠાને જાળવી રાખવા માટે સામાન પહોંચાડવા માટે ભારતીય રેલ્વે દ્વારા ખાસ પ્રયાસો કરવામાં આવી રહ્યા છે.

GP/DS

Tamil

நாடு முழுவதிலும் அத்தியாவசியப் பொருட்கள் எளிதாகக் கிடைப்பதை உறுதிசெய்யும் வகையில் அனைத்து முயற்சிகளையும் இந்திய ரயில்வே தொடர்ந்து மேற்கொண்டு வருகிறது

கோவிட் -19 தொற்றுநோய் பரவாத வகையில் நாடு முழுவதும் ஊரடங்கு முறை அமலாகி வரும் 3 வது நாளில், தனது சரக்கு சேவைகள் மூலம் அத்தியாவசிய பொருட்கள் கிடைப்பதை உறுதி செய்வதற்கான அனைத்து முயற்சிகளையும் இந்திய ரயில்வே தொடர்ந்து மேற்கொண்டு வருகிறது. அனைத்து மாநிலங்களிலும் முழுமையாக ஊரடங்கு செயல்பட்டு வரும் சூழ்நிலையில், ​​இந்திய ரயில்வே ஊழியர்கள் பல்வேறு சரக்குக் கிடங்குகள், நிலையங்கள் மற்றும் கட்டுப்பாட்டு அலுவலகங்களில் வாரத்தின் ஏழு நாட்களும் 24 மணிநேரமும் செயல்படும் வகையில் தொடர்ந்து பணியாற்றி வருகின்றனர்.

நேற்று 27 மார்ச் 2020 அன்று, இந்திய ரயில்வேயின் 34,648 வேகன்கள் விநியோகச் சங்கிலிகளை தொடர்ந்து செயல்பட வைக்க பொருட்களை எடுத்துச் சென்றன. இவற்றில், 23,682 வேகன்களில் அத்தியாவசியப் பொருட்கள், மொத்தம் 425 ரேக்குகளில் கொண்டு செல்லப்பட்டு, விநியோகச் சங்கிலிகள் தொடர்ந்து செயல்படுவதை உறுதி செய்தன. கடந்த ஐந்து நாட்களில் அத்தியாவசிய பொருட்களை ஏற்றிச் செல்லும் மொத்த வேகன்களின் எண்ணிக்கை சுமார் 1.25 லட்சத்தை எட்டியது.

அத்தியாவசிய பொருட்கள் ஏற்றப்பட்ட மொத்த 23,682 வேகன்களில், 1,576 வேகன்கள் உணவு தானியங்கள், 42 வேகன்கள் பழங்கள் மற்றும் காய்கறிகள், 42 வேகன்கள் சர்க்கரை, 42 வேகன்கள் உப்பு, 20,488 வேகன்கள் நிலக்கரி மற்றும் 1,492 வேகன்கள் பெட்ரோலிய பொருட்கள் இருந்தன. இந்திய ரயில்வே நேற்று 15 வேகன்களில் பாலை ஏற்றிச் சென்றது.

நாடு முழுவதும் பல்வேறு இடங்களில் இந்தப் பொருட்களை எளிதில் ஏற்றுவதற்கும் இறக்குவதற்கும் வசதியேற்படுத்தும் வகையில் பொருட்களின் இயக்கத்திற்கான கட்டுப்பாடுகளை மத்திய உள்துறை அமைச்சகம் நீக்கியுள்ளது என்பதும் இந்நேரத்தில் கவனத்தில் கொள்ள வேண்டும். இது இந்தியா முழுவதும் பரவியிருக்கும் டெர்மினல்களில் பல்வேறு வகையான பொருட்களை ஏற்றுவது மற்றும் இறக்குவது தொடர்பான அனுமதியானது உள்ளூர் அளவிலான செயல்பாட்டிற்கு வழியேற்படுத்தியுள்ளது.  ஊரடங்கு காலத்தில் விநியோகச் சங்கிலியைப் பராமரிக்கும் வகையில் இந்த அத்தியாவசியப் பொருட்களை ஏற்றிச் செல்ல இந்திய ரயில்வே சிறப்பு முயற்சிகளை மேற்கொண்டு வருகிறது.

Telugu

దేశవ్యాప్తంగా నిత్యావసర సరుకుల లభ్యతకు లోటులేకుండా నిరంతర కృషిచేస్తున్న భారతీయ రైల్వేలు

కోవిడ్ -19 మహమ్మారిని ఎదుర్కొనేందుకు దేశవ్యాప్తంగా పూర్తి లాక్ డౌన్ ప్రారంభమైన మూడవ రోజున నిత్యావసర సరుకుల లభ్యతకు లోటులేకుండా తమ సరుకుల రవాణా సేవల ద్వారా బారతీయ  రైల్వేలు అన్ని రకాలుగా తమ ప్రయత్నాలను కొనసాగిస్తున్నాయి. అన్ని రాష్ట్రాలలో లాక్ డౌన్ పరిస్థితులు కొనసాగుతున్న సమయంలో కూడా నిత్యావసర సరుకుల సరఫరాకు అంతరాయం లేకుండా వివిధ గూడ్స్ షెడ్లు, స్టేషన్లు మరియు నియంత్రణ కార్యాలయాలలో  నియమితులైన రైల్వే సిబ్బంది రేయింబవళ్ళు 24/7 పద్ధతిలో పని చేస్తూ సరుకుల రవాణా ఆగకుండా చూస్తున్నారు.

సరుకుల సరఫరా ఆగకుండా నిన్నటి అంటే 27 మార్చి , 2020 రోజున 34648 వ్యాగన్లను నింపి పంపడం జరిగింది.  వాటిలో 23682 వ్యాగన్లు నిత్యావసర సరుకులతో వెళ్ళాయి. వాటిని 425 ఇంజన్లతో పంపారు. ఆ విధంగా గత ఐదు రోజుల్లో నిత్యావసరాలు తీసుకెళ్ళిన వ్యాగన్ల సంఖ్య సుమారుగా 1.25 లక్షలను చేరింది.

23682 నిత్యావసర సరుకుల వ్యాగన్లను నింపగా వాటిలో 1576 వ్యాగన్లు ఆహార ధాన్యాలు, 42 వ్యాగన్లు పళ్ళు మరియు కూరగాయలు, 42 వ్యాగన్లు పంచదార, 42 వ్యాగన్లు ఉప్పు, 20488 వ్యాగన్లు బొగ్గు, 1492 వ్యాగన్లు పెట్రోలియం ఉత్పత్తులను తీసుకొని వెళ్ళాయి.

దేశవ్యాప్తంగా వివిధచోట్ల సులభంగా సరుకులను నింపి రవాణా చేయడానికి, దింపుకోవడానికి వీలుగా కేంద్ర హోం వ్యవహారాల మంత్రిత్వ శాఖ ఆంక్షలను సడలించింది.   అందువల్ల దేశవ్యాప్తంగా వివిధ టర్మినళ్ళ వద్ద అనుమతుల కోసం అభ్యర్దించే, వేచి ఉండే అవసరం లేకుండా పోయింది. దీంతో లాక్ డౌన్ సమయంలో కూడా నిత్యావసర సరుకుల నిరంతర రవాణాకు భారతీయ రైల్వేలు  ప్రత్యేక కృషి చేస్తున్నాయి.