GOM reviews current status, and actions for management of COVID-19

A high level meeting of the Group of Ministers (GoM) on COVID-19 was held at Nirman Bhawan, here today under the chairpersonship of Dr. Harsh Vardhan, Union Minister of Health & Family Welfare. Sh. Hardeep S. Puri, Minister of Civil Aviation, Dr. S. Jaishankar, Minister of External Affairs, Sh. Nityananda Rai, Minister of State for Home, Shri Mansukh Mandaviya, Minister of State for Shipping, & Chemical and Fertilizers and Sh. Ashwini Kumar Choubey, Minister of State, Health & Family Welfare were present, along with Sh. Bipin Rawat, Chief of Defence Staff.

Ms. Preeti Sudan, Secretary, (HFW), Sh Harsh Vardhan Shringla, Foreign Secretary, Dr. Balram Bhargava, Secretary DHR & Director General ICMR, Sh. Ravi Capoor, Secretary (Textiles), Sh. Sanjeeva Kumar, Spl. Secretary (Health), Sh. Sanjay Bandopadhyay, Addl. Secretary (Shipping), Shri Dammu Ravi, Additional Secretary Ministry of External Affairs, Sh. Anil Malik, Addl. Secy (MHA), Dr. Rajiv Garg, DGHS and Sh. Lav Agarwal, JS (MoHFW) along with other officials from Army, ITBP, Pharma, DGCA and Textiles were also present.,

The Group of Ministers (GoM) had detailed deliberation on prevention and management of COVID-19 in the meeting. The GOM also discussed the actions taken so far, current status of social distancing measures as a preventive strategy and the stringent actions to contain the spread of COVID-19 by the States so far. The GOM discussed about strengthening capacity of states, which need to devote adequate resources for creating dedicated COVID-19 hospitals, equipping the medical institutes with PPEs, ventilators and other essential equipment etc. States have been asked to ensure that essential services and supplies remain open. These include hospitals, medical shops and establishments engaged in manufacturing of medicines, vaccines, sanitizers, masks and medical devices. GoM was also informed that Gujarat, Assam, Jharkhand, Rajasthan, Goa, Karnataka, MP and J&K are setting up hospitals dedicated for the management of COVID-19. A total of 118 laboratories have been included in the ICMR network of COVID19 testing. Group of Ministers (GoM) was also apprised that Cabinet Secretary has also written letters and conducted Video Conference with Chief Secretaries, Health Secretaries and DGs of Police and instructed them to enforce implementation of lockdown measures.

Highlighting the critical importance of social distancing as an effective strategy for prevention of COVID-19 and limiting the spread of the disease, Dr. Harsh Vardhan reiterated his appeal to all those who have are in home and facility quarantine about observing it according to the protocol laid down by the Health Ministry, and which is also available at the Ministry website.  “As announced by Hon’ble Prime Minister yesterday, the country has been put under lockdown. As part of this lockdown, we need to ensure that within our homes too we practice social distancing”, said Dr. Harsh Vardhan. He further added that around 64,000 persons have arrived from other countries to India since 21st March, 2020 out of which 8,000 have been put in various quarantine facilities and 56,000 are in home isolation. “We are fighting an infectious disease. In order to protect ourselves and others, it is highly important that we follow all the protocols, guidelines and directions issued by the Government, failing which may lead to legal actions u/s 188 of IPC.

Dr. Harsh Vardhan also reiterated his appeal to everyone to not ostracise doctors and other medical staff who are on the forefront of this health emergency and serving to save us from COVID-19. We should also avoid spreading rumours or un-authenticated information, he added.



मंत्री समूह ने ‘कोविड-19’ की वर्तमान स्थिति और उससे निपटने के लिए उठाए गए विभिन्‍न कदमों की समीक्षा की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में आज नई दिल्‍ली स्थित निर्माण भवन में ‘कोविड-19’ पर मंत्री समूह (जीओएम) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। नागरिक उड्डयन मंत्री श्री हरदीप एस. पुरी, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, शिपिंग और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ श्री बिपिन रावत इस अवसर पर उपस्थित थे।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव सुश्री प्रीति सूदन, विदेश सचिव श्री हर्षवर्धन श्रृंगला, डीएचआर में सचिव एवं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव, वस्‍त्र सचिव श्री रवि कपूर, विशेष सचिव (स्वास्थ्य) श्री संजीव कुमार, अपर सचिव (शिपिंग) श्री संजय बंदोपाध्याय, विदेश मंत्रालय में अपर सचिव श्री दम्मू रवि, अपर सचिव (गृह मंत्रालय) श्री अनिल मलिक, डीजीएचएस डॉ. राजीव गर्ग और संयुक्‍त सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) श्री लव अग्रवाल के साथ-साथ सेना, आईटीबीपी, दवा उद्योग, डीजीसीए और वस्‍त्र क्षेत्र के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मंत्री समूह (जीओएम) ने इस बैठक में कोविड​​-19 की रोकथाम और प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। मंत्री समूह ने अब तक उठाए गए विभिन्‍न कदमों, बीमारी की रोकथाम की एक रणनीति के रूप में सामाजिक दूरी बनाए रखने के उपायों की वर्तमान स्थिति और कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए राज्यों द्वारा अब तक उठाए गए अनेक कड़े कदमों पर भी विचार-विमर्श किया। मंत्री समूह ने राज्यों की क्षमता मजबूत करने पर भी चर्चा की, जिन्हें विशेष कोविड-19 अस्पतालों को बनाने और चिकित्सा संस्थानों को पीपीई, वेंटिलेटर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों इत्‍यादि से लैस करने के लिए पर्याप्त संसाधन लगाने की आवश्यकता है। राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आवश्यक सेवाएं और आपूर्ति निरंतर उपलब्‍ध रहें। इनमें अस्पतालों और दवा की दुकानों के साथ-साथ दवाएं, टीके, सैनिटाइजर, मास्क एवं चिकित्सा उपकरण बनाने में जुटे प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। मंत्री समूह को यह भी जानकारी दी गई कि गुजरात, असम, झारखंड, राजस्थान, गोवा, कर्नाटक, मध्‍य प्रदेश और जम्‍मू-कश्‍मीर कोविड-19 से निपटने के लिए विशेष अस्पताल बना रहे हैं। कोविड-19 के परीक्षण (टेस्टिंग) से जुड़े आईसीएमआर के नेटवर्क में कुल मिलाकर 118 प्रयोगशालाओं या लैब को शामिल किया गया है। मंत्री समूह को ये जानकारियां भी दी गईं कि कैबिनेट सचिव ने भी पत्र लिखे हैं और मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों और पुलिस के महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की है और उन्‍हें लॉकडाउन से संबंधित उपायों पर अमल करने के निर्देश दिए हैं।

कोविड-19 की रोकथाम और इस महामारी के फैलाव को सीमित करने के लिए एक प्रभावकारी रणनीति के रूप में सामाजिक दूरी बनाए रखने के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने उन सभी से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने की अपनी अपील दोहराई जो होम क्‍वारंटाइन और किसी स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में क्‍वारंटाइन में हैं। यह प्रोटोकॉल मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री ने कल घोषणा की है, पूरे देश में अब लॉकडाउन है। इस लॉकडाउन के एक हिस्‍से के रूप में हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि अपने घरों के भीतर भी हम सामाजिक दूरी बनाए रखने का अभ्यास करें।’ उन्होंने यह भी कहा कि 21 मार्च, 2020 से लेकर अब तक लगभग 64,000 व्यक्ति अन्य देशों से भारत आ चुके हैं, जिनमें से 8,000 लोगों को विभिन्न क्‍वारंटाइन केंद्रों में रखा गया है और 56,000 लोग अपने-अपने घरों में अलग-थलग रह रहे हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘हम एक संक्रामक बीमारी से लड़ रहे हैं। खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए यह अत्‍यंत महत्वपूर्ण है कि हम सरकार द्वारा जारी किए गए सभी प्रोटोकॉल, दिशा-निर्देशों और निर्देशों का पालन करें। इनका पालन न करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’

डॉ. हर्षवर्धन ने सभी लोगों से डॉक्टरों एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों का तिरस्‍कार न करने की अपनी अपील दोहराई, जो इस स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में सबसे आगे रहकर हमारा नेतृत्‍व कर रहे हैं और हमें कोविड-19 से बचाने के लिए अपनी बहुमूल्‍य सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हमें गैर-प्रामाणिक सूचनाएं या अफवाहें फैलाने से भी बचना चाहिए।

एएम/आरआरएस- 6416


কোভিড-১৯ এর বিষয়ে মন্ত্রীগোষ্ঠীর পর্যালোচনা বৈঠক

নতুনদিল্লি, ২৫ মার্চ, ২০২০

কেন্দ্রীয় স্বাস্থ্য ও পরিবারকল্যাণমন্ত্রী ডঃ হর্ষ বর্ধনের পৌরহিত্যে আজ নতুনদিল্লির নির্মাণ ভবনে কোভিড-১৯ এর প্রতিরোধে গঠিত উচ্চপর্যায়ের মন্ত্রীগোষ্ঠির বৈঠক হয়।. বৈঠকে অসামরিক বিমান চলাচল মন্ত্রী শ্রী হরদীপ সিং পুরি, বিদেশমন্ত্রী ডঃ এস জয়শংকর, স্বরাষ্ট্র প্রতিমন্ত্রী শ্রী নিত্যানন্দ রাই, জাহাজ চলাচল, রসায়ন ও সার দপ্তরের প্রতিমন্ত্রী শ্রী মনসুখ মান্ডভিয়া, স্বাস্থ্য ও পরিবার কল্যাণ প্রতিমন্ত্রী শ্রী অশ্বিনী কুমার চৌবে ছাড়াও চিফ অফ ডিফেন্স স্টাফ শ্রী বিপিন রাওয়াত উপস্থিত ছিলেন।

বৈঠকে  উচ্চপদস্থ আধিকারিকদের মধ্যে ছিলেন   স্বাস্থ্য ও পরিবার কল্যাণ সচিব শ্রীমতী প্রীতি সুদান, বিদেশ সচিব শ্রী হর্ষ বর্ধন শৃঙলা, আই সি এম আর –এর মহানির্দেশক ডঃ বলরাম ভার্গব, বস্ত্রসচিব শ্রী রবি কাপুর, স্বাস্থ্য দপ্তরের বিশেষ সচিব শ্রী সঞ্জীব কুমার, জাহাজ চলাচল দপ্তরের অতিরিক্ত সচিব শ্রী সঞ্জয় বন্দ্যোপাধ্যায় প্রমুখ।

বৈঠকে কোভিড ১৯ এর মোকাবিলায় নানা ব্যবস্থাপনা নিয়ে মন্ত্রীরা বিস্তারিত আলোচনা করেন। এই ভাইরাস সংক্রমণ প্রতিহত করতে সামাজিক দূরত্বের বিষয়ের উপর গুরুত্ব আরোপ করা হয়। বিভিন্ন রাজ্যে কোভীড-১৯ মোকাবিলায় ক্ষমতা বৃদ্ধির জন্য সহায়সম্পদ ব্যবস্থাপনা নিয়ে আলোচনা হয়েছে। নিত্যপ্রয়োজনীয় সামগ্রী পেতে সাধারণ মানুষের ‌যেন কোন সমস্যা না হয় তা নিশ্চিত করতে রাজ্যগুলিকে বলা হয়েছে  ।

করোনা সমস্যা মোকাবিলায় সামাজিক দূরত্ব বজায় রাখার বিষয়টির ওপর স্বাস্থ্য মন্ত্রী জোর দেন। ডঃ হর্ষ বর্ধন বলেন, ২১ মার্চ থেকে ৬৪হাজার জন বিদেশ থেকে এসেছেন। এঁদের মধ্যে আট হাজার জনকে বিশেষ নজরদারীতে রাখা হয়েছে।

ডঃ হর্ষ বর্ধন সকলের কাছে আবেদন করেন, কোভিড -১৯ এর সংক্রমণের  বিরুদ্ধে যারা সম্মুখ সারিতে লড়াই করছেন, সেই সব চিকিৎসক এবং স্বাস্থ্যকর্মীদের কেউ  যেন হেনস্থা না করে। করোনা নিয়ে যেন কেউ কোন গুজব না ছড়ান সেদিকে সকলকে সতর্ক থাকতে হবে বলেও মন্ত্রী জানান।



মন্ত্ৰীগোটে ক’ভিড-১৯ৰ শেহতীয়া স্থিতি আৰু ব্যৱস্থাপনাৰ ক্ষেত্ৰত সঠিক পদক্ষেপসমূহ পৰ্যবেক্ষণ কৰে

কেন্দ্ৰীয় স্বাস্থ্য আৰু পৰিয়াল কল্যাণ মন্ত্ৰী ড০ হৰ্ষ বৰ্ধনৰ অধ্যক্ষতাত নতুন দিল্লীৰ নিৰ্মাণ ভৱনত আজি ক’ভিড-১৯ সন্দৰ্ভত মন্ত্ৰীগোটৰ এখন উচ্চ পৰ্যায়ৰ বৈঠক অনুষ্ঠিত হয়৷ অ-সামৰিক বিমান পৰিবহন মন্ত্ৰী শ্ৰী হৰদ্বীপ সিং পুৰী, বৈদেশিক পৰিক্ৰমা মন্ত্ৰী ড০ এছ. জয়শংকৰ, গৃহ ৰাজ্যিক মন্ত্ৰী শ্ৰী নিত্যানন্দ ৰাই, জাহাজ পৰিবহণ, সাৰ আৰু ৰাসায়নিক মন্ত্ৰী শ্ৰী মানসুখ মাণ্ডাভিয়া, স্বাস্থ্য আৰু পৰিয়াল কল্যাণ ৰাজ্যিক মন্ত্ৰী শ্ৰী অশ্বিনী কুমাৰ চৌবেৰ লগতে চীফ ডিফেন্স ষ্টাফ শ্ৰী বিপিন ৰাৱাট বৈঠকত উপস্থিত থাকে৷

স্বাস্থ্য আৰু পৰিয়াল কল্যাণ বিভাগৰ সচিব প্ৰীতি ছুদান, বৈদেশিক সচিব শ্ৰী হৰ্ষ বৰ্ধন শ্ৰীংলা, স্বাস্থ্য গৱেষণা বিভাগৰ সচিব আৰু আইচিএমআৰৰ প্ৰধান সচিব ড০ বলৰাম ভাৰ্গৱ, বস্ত্ৰশিল্প মন্ত্ৰালয়ৰ সচিব শ্ৰী ৰবি কাপুৰ, স্বাস্থ্য বিভাগৰ বিশেষ সচিব শ্ৰী সঞ্জীৱ কুমাৰ, জাহাজ পৰিবহণ বিভাগৰ অতিৰিক্ত সচিব শ্ৰী সঞ্জয় বন্দোপাধ্যায়, বৈদেশিক পৰিক্ৰমা মন্ত্ৰালয়ৰ অতিৰিক্ত সচিব শ্ৰী ডাম্মু ৰবি, গৃহ মন্ত্ৰালয়ৰ অতিৰিক্ত সচিব শ্ৰী অনিল মালিক, স্বাস্থ্যসেৱা সঞ্চালকালয়ৰ সঞ্চালক প্ৰধান ৰাজীৱ গাৰ্গ আৰু স্বাস্থ্য আৰু পৰিয়াল কল্যাণ মন্ত্ৰালয়ৰ যুটীয়া সচিব শ্ৰী লাভ আগৰৱালৰ লগতে স্থলসেনা, আইটিবিপি, ফাৰ্মা, ডিজিচিএ আৰু টেক্সটাইল বিভাগৰ আন বিষয়ববীয়া সকলো বৈঠকত উপস্থিত আছিল৷

বৈঠকত মন্ত্ৰীগোটে ক’ভিড-১৯ৰ প্ৰতিৰোধমূলক ব্যৱস্থা সন্দৰ্ভত বিস্তৃতভাৱে আলোচনা কৰে৷ মন্ত্ৰীগোটে লগতে এই পৰ্যন্ত চৰকাৰে গ্ৰহণ কৰা পদক্ষেপ, বৰ্তমানৰ স্থিতি আৰু সামাজিক দূৰত্ব বৰ্তাই ৰখাৰ প্ৰয়োজনীয়তাৰ বিষয়েও আলোচনাত মিলিত হয়৷ ৰাজ্যসমূহৰ সামৰ্থ বৃদ্ধি কৰা, ক’ভিড-১৯ৰ বাবে পৃথক চিকিৎসালয়ৰ ব্যৱস্থা, পিপিই-ভেণ্টিলেটৰ্ছ আৰু অন্যান্য অত্যাৱশ্যকীয় সা-সজুলিৰে চিকিৎসা প্ৰতিষ্ঠানসমূহক সাজু কৰি তোলা আদি বিষয়সমূহেও বৈঠকত স্থান পায়৷ জনসাধাৰণৰ বাবে অত্যাৱশ্যকীয় সেৱা আৰু সামগ্ৰীৰ যোগান মুকলি ৰাখিবলৈ ৰাজ্যসমূহক নিৰ্দেশ দিয়া হৈছে৷ ইয়াৰ ভিতৰত অন্যতম সেৱাসমূহ হ’ল—চিকিৎসালয়; ফাৰ্মাচী; ঔষধ, ভেকচিন, ছেনিটাইজাৰ, মাস্ক আৰু মেডিকেল সা-সৰঞ্জাম উপলব্ধ ব্যৱসায়িক প্ৰতিষ্ঠান৷ মন্ত্ৰীগোটক এই কথাও জনোৱা হয় যে গুজৰাট, অসম, ঝাৰখণ্ড, ৰাজস্থান, গোৱা, কৰ্ণাটক, মধ্য প্ৰদেশ আৰু জম্মু-কাশ্মীৰে ক’ভিড-১৯ৰে যুঁজ দিবলৈ সুকীয়া চিকিৎসালয়ৰ ব্যৱস্থা কৰি আছে৷ ক’ভিড-১৯ পৰীক্ষাৰ বাবে মুঠ ১১৮টা লেব’ৰেটৰী আইচিএমআৰ নেটৱৰ্কত অন্তৰ্ভুক্ত কৰা হৈছে৷ মন্ত্ৰীগোটক লগতে অৱগত কৰোৱা হয় যে লকডাউনৰ নিয়মাৱলী সঠিক ৰূপায়নৰ বাবে কেবিনেট সচিবে সকলো ৰাজ্যৰ মুখ্য সচিবলৈ পত্ৰ প্ৰেৰণ কৰিছে আৰু ডিভিঅ’ কনফাৰেন্সৰ মাধ্যমেৰে বিষয়টো আলোচনা কৰিছে৷

ক’ভিড-১৯ ৰোধ অথবা ইয়াৰ নিয়ন্ত্ৰণৰ ক্ষেত্ৰত সামাজিক দূৰত্বক ফলপ্ৰসু উপায় হিচাপে উল্লেখ কৰি ড০ হৰ্ষ বৰ্ধনে দেশৰ নাগৰিকক পুনৰ এবাৰ আহ্বান জনায় যে সকলোৱে স্বাস্থ্য বিভাগে জাৰি কৰা নীতি-নিয়ম পালন কৰি ঘৰতে আৱদ্ধ হৈ থকা উচিত৷ নীতি নিয়মসমূহ স্বাস্থ্য মন্ত্ৰালয়ৰ ৱেবছাইটতো উপলব্ধ বুলি তেওঁ উল্লেখ কৰে৷ “মাননীয় প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কালি ঘোষণা কৰা অনুসৰি, সমগ্ৰ দেশ এতিয়া লকডাউন অৱস্থাত আছে৷ লকডাউনৰ অংশস্বৰূপে আমি ঘৰৰ ভিতৰতো সামাজিক দূৰত্ব বৰ্তাই ৰখাৰ অভ্যাস গঢ়িব লাগিব৷”, হৰ্ষ বৰ্ধনে এইদৰে কয়৷ তেওঁ পুনৰ উল্লেখ কৰে যে ২০২০ৰ ২১ মাৰ্চ পৰ্যন্ত প্ৰায় ৬৪,০০০ লোক আন দেশৰ পৰা ভাৰতত উপস্থিত হৈছে৷ ইয়াৰে ৮,০০০ লোকক বিভিন্ন পৃথকীকৰণ ব্যৱস্থা আৰু ৫৬,০০০লোকক ঘৰত স্ব-নিৰ্বাসনত ৰখা হৈছে৷ “আমি এক সংক্ৰামক ৰোগৰ বিৰুদ্ধে যুঁজ দি আছো৷ ইয়াৰ পৰা নিজক আৰু আনক নিৰাপদে ৰাখিবলৈ চৰকাৰে জাৰি কৰা সকলো নীতি-নিৰ্দেশনা গুৰুত্ব সহকাৰে পালন কৰাটো অত্যন্ত প্ৰয়োজন৷ ইয়াৰ উলংঘনৰ বাবে আইপিচি ১৮৮ ধাৰাৰ অধীনত আইনী ব্যৱস্থাৰ সন্মুখীন হ’ব লাগিব৷’—হৰ্ষ বৰ্ধনে কয়৷

মন্ত্ৰীগৰাকীয়ে লগতে দেশবাসীক আহ্বান জনায় যে স্বাস্থ্যজনিত এই জৰুৰী অৱস্থাত ক’ভিড-১৯ৰ পৰা আমাক ৰক্ষা কৰিবলৈ সেৱা আগবঢ়াই থকা চিকিৎসক আৰু আন মেডিকেল কৰ্মীসকলক কোনেও যাতে সমাজৰ পৰা এঘৰীয়া নকৰে৷ আমি উৰা বাতৰি আৰু প্ৰমাণবিহীন তথ্য বিয়পোৱাৰ পৰা আতৰি থকা উচিত বুলিও ড০ হৰ্ষ বৰ্ধনে উল্লেখ কৰে৷



મંત્રીઓના સમૂહે કોવિડ-19 સંબંધે વર્તમાન સ્થિતિ, લેવામાં આવેલા પગલાં અને વ્યવસ્થાપનની સમીક્ષા કરી

કેન્દ્રીય આરોગ્ય અને પરિવાર કલ્યાણ મંત્રી ડૉ. હર્ષવર્ધનની અધ્યક્ષતામાં આજે નિર્માણભવન ખાતે કોવિડ-19 સંબંધે મંત્રીઓના સમૂહની ઉચ્ચ સ્તરીય બેઠકનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. નાગરિક ઉડ્ડયન મંત્રી શ્રી હરદીપ એસ. પુરી, વિદેશ મંત્રી ડૉ. એસ. જયશંકર, રાજ્ય ગૃહમંત્રી શ્રી નિત્યાનંદ રાય, જહાજ- રસાયણ અને ખાતર રાજ્ય મંત્રી શ્રી મનસુખ માંડવિયા અને આરોગ્ય અને પરિવાર કલ્યાણ રાજ્યમંત્રી શ્રી અશ્વિનીકુમાર ચૌબે તેમજ સંરક્ષણ સ્ટાફના વડા શ્રી બિપિન રાવત આ બેઠકમાં ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

આરોગ્ય અને પરિવાર કલ્યાણ સચિવ સુશ્રી પ્રીતિ સુદાન, વિદેશ સચિવ શ્રી હર્ષવર્ધન શ્રીંગલા, DHR સચિવ અને ICMRના મહા નિદેશક ડૉ. બલરામ ભાર્ગવ, કાપડ સચિવ શ્રી રવિ કપૂર, વિશેષ આરોગ્ય સચિવ શ્રી સંજીવ કુમાર, અધિક સચિવ (જહાજ) શ્રી સંજય બંદોપાધ્યાય, વિદેશ મંત્રાલયના અધિક સચિવ શ્રી દામુ રવિ, અધિક સચિવ (ગૃહ મંત્રાલય) શ્રી અનિલ મલિક, DGHS શ્રી રાજીવ ગર્ગ તેમજ આરોગ્ય અને પરિવાર કલ્યાણ મંત્રાલયના સંયુક્ત સચિવ શ્રી લવ અગ્રવાલ ઉપરાંત સૈન્ય, ITBP, ફાર્મા, DGCA અને કાપડ વિભાગના અન્ય ઉચ્ચ અધિકારીઓ પણ આ બેઠકમાં ઉપસ્થિત રહ્યા હતા.

આ બેઠકમાં મંત્રીઓના સમૂહે કોવિડ-19 પર નિયંત્રણ અને વ્યવસ્થાપન વિશે વિગતવાર ચર્ચા કરી હતી. મંત્રીઓના સમૂહે અત્યાર સુધી લેવામાં આવેલા પગલાં, સુરક્ષાત્મક વ્યૂહરચના તરીકે સામાજિક અંતર જાળવી રાખવા માટે લેવામાં આવેલા પગલાંની વર્તમાન સ્થિતિ અને કોવિડ-19ને નિયંત્રણમાં રાખવા માટે રાજ્યો દ્વારા અત્યાર સુધીમાં લેવામાં આવેલા કડક પગલાં અંગે પણ ચર્ચા કરી હતી. મંત્રીઓના સમૂહે રાજ્યોની ક્ષમતા વધુ મજબૂત કરવા અંગે પણ ચર્ચા કરી હતી, જે કોવિડ-19 માટે સમર્પિત હોસ્પિટલો તૈયાર કરવા, PPE, વેન્ટિલેટર્સ અને અન્ય આવશ્યક ઉપકરણો સાથે તબીબી સંસ્થાઓને સજ્જ કરવા માટે પૂરતા સંસાધનો પૂરા પાડવા જરૂરી છે. રાજ્યોને કહેવામાં આવ્યું હતું કે, તેઓ જીવનજરૂરી સેવાઓ અને ચીજવસ્તુઓનો પૂરતો પૂરવઠો જળવાઇ રહે તે સુનિશ્ચિત કરે. આમાં હોસ્પિટલો, મેડિકલ દુકાનો અને દવાઓ, રસી, સેનિટાઇઝર્સ, માસ્ક અને તબીબી ઉપકરણોના ઉત્પાદનમાં સંકળાયેલા એકમો પણ સામેલ છે. મંત્રીઓના સમૂહને એવી પણ માહિતી આપવામાં આવી હતી કે, કોવિડ-19ના વ્યવસ્થાપન માટે ગુજરાત, આસામ, ઝારખંડ, રાજસ્થાન, ગોવા, કર્ણાટક, મધ્યપ્રદેશ અને જમ્મુ-કાશ્મીરમાં સમર્પિત હોસ્પિટલો તૈયાર કરવામાં આવી રહી છે. કોવિડ-19ના પરીક્ષણ માટે ICMR નેટવર્કમાં કુલ 118 લેબોરેટરી સમાવવામાં આવી છે. કેબિનેટ સચિવે પત્રો લખીને અને વીડિયો કોન્ફરન્સના માધ્યમથી મુખ્ય સચિવો, આરોગ્ય સચિવો અને પોલીસ મહા નિદેશકોને લૉકડાઉનના પગલાંના અમલીકરણ અંગે સૂચનાઓ આપી હોવાની માહિતી પણ મંત્રીઓના સમૂહને આપવામાં આવી હતી.

કોવિડ-19થી સુરક્ષિત રહેવા માટે અને આ બીમારોનો ફેલાવો નિયંત્રિત કરવા માટે અસરકારક વ્યૂહનીતિ ગણાતા સામાજિક અંતરના મહત્વ પર પ્રકાશ પાડતા ડૉ. હર્ષવર્ધને ઘરમાં અને ક્વૉરેન્ટાઇન સુવિધામાં રહેલા તમામ લોકોને આરોગ્ય મંત્રાલય દ્વારા નિર્ધારિત કરવામાં આવેલા પ્રોટોકોલ અનુસાર તેનું પાલન કરવાની તેમની અપીલનો પુનરોચ્ચાર કર્યો હતો. આ પ્રોટોકોલ મંત્રાલયની વેબસાઇટ પર પણ ઉપલબ્ધ છે. ડૉ. હર્ષવર્ધને જણાવ્યું હતું કે, “માનનીય પ્રધાનમંત્રીએ ગઇકાલે કરેલી જાહેરાત અનુસાર સમગ્ર દેશમાં અત્યારે લૉકડાઉન અમલમાં છે તેના ભાગરૂપે, આપણે આપણા ઘરમાં રહીને પણ સામાજિક અંતર જાળવી રાખવાનું સુનિશ્ચિત કરવું જોઇએ.” તેમણે વધુમાં ઉમેર્યું હતું કે, 21 માર્ચ 2020 સુધીમાં અન્ય દેશોમાંથી અંદાજે 64,000 લોકો ભારતમાં આવ્યા છે જેમાંથી 8,000 લોકોને વિવિધ ક્વૉરેન્ટાઇન સુવિધાઓમાં રાખવામાં આવ્યા છે જ્યારે 56,000 લોકો હોમ આઇસોલેશનમાં છે. તેમણે જણાવ્યું હતું કે, “આપણે એક ચેપી રોગ સામે લડી રહ્યાં છીએ. આપણી પોતાની જાતને અને અન્ય લોકોને સુરક્ષિત રાખવા માટે, આપણે સરકાર દ્વારા બહાર પાડવામાં આવેલા તમામ પ્રોટોકોલ, માર્ગદર્શિકાઓ અને નિર્દેશોનું ચુસ્ત પાલન કરીએ તે અત્યંત આવશ્યક છે, અને જો આમ નહીં થાય તો IPCની ધારા 188 અંતર્ગત કાયદાકીય પગલાં લેવામાં આવશે.”

ડૉ. હર્ષવર્ધનએ પોતાની અપીલનો પુનરોચ્ચાર કરતા કહ્યું હતું કે, સ્વાસ્થ્ય કટોકટીની આ સ્થિતિમાં અગ્ર મોરચે રહીને લડી રહેલા અને આપણને કોવિડ-19થી બચાવવા માટે સેવા કરી રહેલા ડૉક્ટરો અને અન્ય તબીબી સ્ટાફની નિષ્ઠાને દરેક વ્યક્તિએ ક્યારેય ન ભૂલવી જોઇએ. તેમણે ઉમેર્યું હતું કે, આપણે કોઇપણ અફવાઓ અને બિન-પ્રમાણિત માહિતીઓ ફેલાવવાથી દૂર રહેવું જોઇએ.