CABINET APPROVES CONSTRUCTION OF ALIGARH-HARDUAGANJ FLYOVER

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi, has given its approval for taking up construction of Aligarh-Harduaganj flyover by Ministry of Railways.  The total length of the railway flyover will be 22 kilometer.  The project is expected to be completed by 2024-25 at a cost of over Rs. 1285 crore.

At Aligarh Junction Station a branch line Bareilly-Aligarh terminates. The trains coming from Howrah side and going to Harduaganj/Bareilly cross Howrah-New Delhi main route, which is busiest section of Indian Railways.  Due to heavy traffic there is no path available for surface crossing of loaded goods trains coming from Howrah side and going to Harduaganj/Bareilly.  This results into heavy detention of trains at Aligarh Junction.  This location has become a bottleneck and is affecting the train working badly causing delays and detentions and also reducing the wagon turn round.  Flyover at Aligarh going over the existing Delhi-Howrah main line is an operational necessity and is essentially required to remove the bottleneck to traffic movement. By construction of flyover connecting Aligarh to Harduaganj the delays and detentions will be

PK/ AK

தமிழ்

அலிகார்- ஹர்துவாகஞ்ஜ் மேம்பாலம் கட்ட மத்திய அமைச்சரவை ஒப்புதல்

பிரதமர் திரு. நரேந்திர மோடி தலைமையில் நடைபெற்ற பொருளாதார விவகாரங்களுக்கான அமைச்சரவைக் குழுக் கூட்டம் , ரயில்வே அமைச்சகம் அலிகார்- ஹர்துவாகஞ்ஜ் மேம்பாலம் கட்டுவதற்கான ஒப்புதலை வழங்கியுள்ளது. இந்த ரயில்வே மேம்பாலத்தின் மொத்த நீளம் 22 கிலோமீட்டர். ரூ.1285 கோடி மதிப்பிலான இந்தத் திட்டம் , 2024-25ம் ஆண்டு வாக்கில் நிறைவடையும் என எதிர்பார்க்கப்படுகிறது.

பரேலி-அலிகார் கிளைப்பாதை அலிகார் சந்திப்புடன் முடிவடைகிறது. ஹவுரா பக்கத்தில் இருந்து வரும் ரயில்கள், ஹர்துவாகஞ்ஜ், பரேலி செல்வதற்கு, இந்திய ரயில்வேயின் மிகவும் போக்குவரத்து நிறைந்த முக்கியமான ஹவுரா-புதுதில்லி மார்க்கத்தில் கிராசிங் செய்ய வேண்டியுள்ளது. கடும் போக்குவரத்து காரணமாக, ஹவுராவில் இருந்து வரும், ஹர்துவாகஞ்ஜ், பரேலி செல்லும் சரக்கு ரயில்கள், கிராசிங் செய்ய ரயில் லைன் இல்லாத நிலை உள்ளது. இதனால், அலிகார் சந்திப்பில் அதிக ரயில்களை நிறுத்தி வைக்கப்பட்டு காத்திருக்கும் நிலை ஏற்படுகிறது. இது ரயில் போக்குவரத்தில் பெரும் தடங்கலையும், தாமதத்தையும் ஏற்படுத்தி வருகிறது. எனவே, தற்போது உள்ள தில்லி-ஹவுரா மெயின் லைன் பாதைக்கு மேலாக மேம்பாலம் கட்டுவது அதிக தேவையாக உள்ளது. இந்தப் பகுதியில் ரயில் போக்குவரத்தில் ஏற்படும் இடையூறுகளைக் களைய இது மிகவும் அவசியத் தேவையாகவும் இருக்கிறது. அலிகாரையும், ஹர்துவாகஞ்ஜையும் இணைக்கும் மேம்பாலம் கட்டுவதன் மூலம், தாமதமும், ரயில்கள் அதிக நேரம் காத்திருக்க வேண்டியதன் அவசியமும் தவிர்க்கப்படும்.

Marathi

अलिगढ -हरदुआगंज उड्डाणपुलाच्या बांधकामाला मंत्रिमंडळाची मंजुरी

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या अध्यक्षतेखाली आर्थिक व्यवहारविषयक केंद्रीय समितीने रेल मंत्रालय द्वारा बांधण्यात येणाऱ्या अलिगढ -हरदुआगंज उड्डाणपुलाच्या बांधकामाला मंजुरी दिली आहे.या रेल्वे उड्डाणपुलाची एकूण लांबी 22 किलोमीटर असेल. या प्रकल्पासाठी 1285 कोटी रुपये खर्च येणार असून  2024-25 पर्यंत पूर्ण होणे अपेक्षित आहे.

अलिगढ जंक्शन स्थानकावर बरेली-अलीगढ़ हा ब्रांच मार्ग समाप्त होतो. हावड़ा कडून येणाऱ्या आणि हरदुआगंज/बरेली इथे जाणाऱ्या गाड्या हावड़ा-नवी दिल्ली मुख्य मार्गओलांडून जातात. हा भारतीय रेल्वेचा सर्वात व्यस्त भाग आहे. या मार्गावर मोठ्या प्रमाणात वाहतूक होत असल्यामुळे हावड़ा इथून येणाऱ्या आणि हरदुआगंज/बरेली इथे जाणाऱ्या मालगाड्याना क्रॉसिंगसाठी मार्ग उपलब्ध नसतो. यामुळे अलिगढ जंक्शन वर गाडयांना बराच वेळ थांबावे लागते. इथे वाहतूक कोंडी असते आणि त्याचा परिणाम गाड्यांच्या वाहतुकीवर होतो. तसेच मालगाड्यांमधून माल चढवणे आणि उतरवणे यासाठी कमी वेळ मिळतो.  अलिगडमधील उड्डाणपूल सध्याच्या दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्गावरून जाणे ही एक परिचालन गरज आहे आणि वाहतूक कोंडी सोडवण्यासाठी आवश्यक आहे.  अलिगढला  हरदुआगंजशी जोडणाऱ्या या उड्डाणपुलामुळे विलंब टाळता येईल.

B.Gokhale/S.Kane/P.Kor

Hindi

कैबिनेट ने अलीगढ़-हरदुआगंज फ्लाईओवर के निर्माण को स्‍वीकृति दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय द्वारा अलीगढ़-हरदुआगंज फ्लाईओवर का निर्माण कार्य शुरू किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है। इस रेलवे फ्लाईओवर की कुल लंबाई 22 किलोमीटर होगी। यह परियोजना 1285 करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत से वर्ष 2024-25 तक पूरी हो जाने की उम्मीद है।

अलीगढ़ जंक्शन स्टेशन पर एक ब्रांच रेल लाइन बरेली-अलीगढ़ समाप्त होती है। हावड़ा की ओर से आने वाली और हरदुआगंज/बरेली जाने वाली ट्रेनें हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य मार्ग से गुजरती हैं, जो भारतीय रेलवे का सबसे व्यस्त खंड है। भारी यातायात के कारण हावड़ा की ओर से आने वाली और हरदुआगंज/बरेली जाने वाली लोडेड मालगाड़ियों को सतह पार करने के लिए कोई रास्ता उपलब्ध नहीं होता है। इससे अलीगढ़ जंक्शन पर ट्रेनों को काफी देर तक रुकना पड़ जाता है। यह स्थान एक अवरोध बन गया है और ट्रेनों के परिचालन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है जिससे देरी होती है तथा ट्रेनों को काफी देर तक रुकना पड़ता है। यही नहीं, इस वजह से वैगन पर माल चढ़ाना एवं उतारना भी कम होता जा रहा है। अलीगढ़ में फ्लाईओवर का मौजूदा दिल्ली-हावड़ा मुख्य लाइन के ऊपर से गुजरना एक परिचालन अनिवार्यता है और इसके साथ ही यह यातायात में अवरोध को दूर करने के लिए भी आवश्यक है। अलीगढ़ को हरदुआगंज से जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर के बन जाने से ट्रेनों के परिचालन में देरी और उनके लंबे ठहराव से बचा जा सकेगा।

Bengali

আলিগড়-হরদুয়াগঞ্জ ফ্লাইওভার নির্মাণে কেন্দ্রীয় মন্ত্রীসভার অনুমোদন

প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীর পৌরোহিত্যে আজ কেন্দ্রীয় মন্ত্রীসভার অর্থনৈতিক বিষয় সংক্রান্ত কমিটির বৈঠকে রেলমন্ত্রকের আলিগড়-হরদুয়াগঞ্জ ফ্লাইওভার নির্মাণের প্রস্তাব অনুমোদিত হয়েছে।  ২২ কিলোমিটার দীর্ঘ এই ফ্লাইওভার নির্মাণে ১২৮৫কোটি টাকা ব্যয় হবে। পুরো কাজ শেষ হবে ২০২৪-২৫ সালে।

আলিগড় জংশন থেকে বেরিলির দিকে ব্রাঞ্চ লাইন রয়েছে। ভারতীয় রেলের ব্যস্ততম শাখা হাওড়া-নতুনদিল্লি মেন লাইনে হরদুয়াগঞ্জ/বেরিলি ক্রসিং দিয়ে হাওড়ার দিক থেকে ট্রেন যায়। ট্রেনের চাপ থাকায় হাওড়া- হরদুয়াগঞ্জ/বেরিলিগামী মালগাড়িগুলির যাওয়ার ক্ষেত্রে সমস্যা হয়। এর ফলে আলিগড় স্টেশনে ট্রেনগুলি অহেতুক আটকে থাকে। এই সমস্যা দূর করতে এই ফ্লাইওভার তৈরি জরুরী হয়ে পড়েছে। আলিগড় থেকে হরদুয়াগঞ্জ ফ্লাইওভারটি  হলে ট্রেন চলাচলে দেরি হবে না।

CG/CB